Hindi Poems

स्थिरता


अरी ज़िन्दगी !!
सुन तो सही ज़रा मेरा तू कहा,
बता दे क्या हुई मुझसे है खता
जो हो रही है मुझसे तू खफा |
तुझको मिला मैं अपनी बाहें फैलाये
तू क्यों फिर मुझसे अब नज़रें चुराए |
चल ठीक, कर ले तू अपनी मन मानी
क्या कहूं अब, तूने कब है मेरी बात मानी |

ऐ ज़िन्दगी !!
ये तो न था मेरा ठिकाना, बहुत दूर था मुझको जाना
फिर क्यों मुझे तूने यहाँ है रोक दिया तू बता |
जो अब तूने है समय दिया, मैं शुक्रगुज़ार हूँ तेरा
ये भी गुज़र जाएगा, नया वक़्त फिर आएगा |
खैर, तूने जो किया अच्छा किया यारा
मुझे अंततः जीना सिखा दिया |

अरी ओ ज़िन्दगी !!
साथ मेरा तू छोड़ेगी इक दिन जानता था
वो वक़्त इतनी जल्दी आएगा सोचा न था |
फिर भी कोई बात नहीं ज़िन्दगी तू घबरा मत
तुझसे कोई शिकवा नहीं, न है कोई शिकायत |
तू भी कोई गम न कर इतना ही होगा ‘गर तेरा-मेरा साथ
किस्मत हुई तो फिर मिलेंगे हाथों में थाम हाथ |

सुन ज़िन्दगी !!
तेरे संग मैंने बहुत कुछ है सिखा
बहुत कुछ है जाना और पहचाना |
सिखा दिया एक अंतिम सत्य तूने अब
उस प्रकृति से हुआ एकाकार मैं जब
ब्रह्मांड की शक्ति का अहसास हुआ तब |

 

I remember when my daughter has to be injected for taking the blood samples. She was just 3 months then. The nurse instructed us to get out of the room. I said “no, I won’t say anything you do your work.” and stepped aside, as I very well know they do this because parents and relatives get emotional and interfere when the baby cries. My acquaintance said, “हाँ इसको रहने दो, ये तो है ही emotionless”(“Let her inside, she is already emotionless”).

I am not the kind of person who gets emotional every now and then, watching TV, Movies etc. I am like this only. I am weird. I have seen “not too many deaths” but yes few, but that never affected me. I am surprised by my own self, when this “emotionless me” got moved by Irfan’s cancer news. I got to know about this on twitter when someone had shared this article. When I read the first time I thought it must be a rumour. Then I confirmed with my husband and I was like “God why it is not.” As I was reading further the full piece, I was both sad and smiling in consent. The feeling of sadness is obvious but don’t give me that look for smiling. It was a calm and repose one. Obviously, no one can do anything but to wait, his state of mind and the realization of his “oneness” with the universe gave me the feeling of tranquillity. How he had realised the immense power of nature and the cosmos moved me from roots. How death is so inevitable. We all know that but how ignorant we live of it. That made me think so much. #IrfanKhan this is for you and you are one hell of a guy who will get over this as well. I am sending my positive vibrations your way.


This post is published for #OpenNTalk Blogger’s League hosted by Gleefulblogger & Wigglingpen in association with SummerBarn, Vedantika Herbals, Nyassa, Explore Kids World.

I am a member of Team 3 #InvincibleGang. Read some more interesting posts this June from my team members. Here they are and do not miss to follow them on twitter for more updates –

1. Geethica MehraThoughts By Geethica

2. Papri GangulyThrough My Pink Window

3. Princy KhuranaClanpedia

4. Varsha Nitin Gode (Yogeeta Rane)VRAG

Advertisements
Categories: Hindi Poems | Tags: , , , , , , | 26 Comments

मैं दुःखी हूँ


-मैं दुःखी हूँ ।
क्यों ??
-क्योंकि मेरी
मनचाही न हुई ।

तो ?
-तो क्या,
दिल दुखा
और क्या ।

क्यों दुखा ?
-क्यों न दुखे ?
वो मेरी नहीं ?
वो मेरा नहीं ?
मेरा कोई हक़ नहीं ?
मेरा कोई मान नहीं?
सम्मान नही ?

अरे सुन !! मना बावरे*
तेरा सच में कुछ नहीं
तू तो है निमित्त मात्र,
इस खेल का सिर्फ एक पात्र ।

जितना करेगा मोह
उतना मिलेगा दर्द
ये मैं – मेरे को छोड़
है सब पुराने ये क़र्ज़ ।

वो तो प्रकृति
के है बेटा – बेटी
हो माता – पिता
दोस्ती – यारी या
बहन हो या भाई
है सारे रिश्ते
प्रारब्ध की कमाई ।

अरे सुन !! मना बावरे*
तू है सिर्फ निमित्त
बच्चों को बड़ा और
देखभाल माँ बाप की
करने के लिए ।

निभा कर्त्तव्य अपने
तटस्थ भाव से
फिर न होगा
कोई भी दुःख
समझे मना बावरे*।

मना बावरे* – पागल / चंचल मन ।


This post is published for #OpenNTalk Blogger’s League hosted by Gleefulblogger & Wigglingpen in association with SummerBarn, Vedantika Herbals, Nyassa, Explore Kids World.

I am a member of Team 3 #InvincibleGang. Read some more interesting posts this June from my team members. Here they are and do not miss to follow them on twitter for more updates –

1. Geethica MehraThoughts By Geethica

2. Papri GangulyThrough My Pink Window

3. Princy KhuranaClanpedia

4. Varsha Nitin Gode (Yogeeta Rane)VRAG

Categories: Hindi Poems | 42 Comments

उलझन


जब थी वो ‘सच्ची’ ‘नामी
लोगो को पसंद न आई,
कहते थे कैसी है लड़की
चुपचाप अपने में गुम ही ।

अब जब बन वो गई
बनावटी लोगों की तरह ही,
‘बनावटी’ ‘नामी
सब हो गए खुश, उमंगी ।

कहते है बदल गई
अच्छी हो गई,
हँसती बात करती
पहले से बेहतर हुई ।

अब है नामी
‘उलझन’ में पड़ी,
जो आ गई
धर्मसंकट की घड़ी ।

क्या अब वो करेगी ?
अपनी नज़रों में गलत
होकर दुनिया के लिए सही
या
अपनी नज़रों में रहे सही
चाहे दुनिया के लिए गलत ??

फिर एक दिन
हुआ कुछ यूं के,
पूछ लिया किसी ने
“ऐसे रिश्ते हुए है मतलबी
कैसे तू इन्हें है सँभालती??”

तो हंसकर बोली
वो “बेचारी” ‘नामी
“आपने बोला न अभी
की बदल गई नामी”

बदल गई नामी”
बदल गई नामी”


This post is published for #OpenNTalk Blogger’s League hosted by Gleefulblogger & Wigglingpen in association with SummerBarn, Vedantika Herbals, Nyassa, Explore Kids World.

I am a member of Team 3 #InvincibleGang. Read some more interesting posts this June from my team members. Here they are and do not miss to follow them on twitter for more updates –

1. Geethica MehraThoughts By Geethica

2. Papri GangulyThrough My Pink Window

3. Princy KhuranaClanpedia

4. Varsha Nitin Gode (Yogeeta Rane)VRAG

Categories: Hindi Poems | 26 Comments

वो..


जैसे मुझे सिर्फ वो एक चाहिए
क्या कोई ऐसा है जिसे सिर्फ मैं चाहिए

मेरी आदत बन
गया है वो,
जिसकी आदत बनूँ मैं
कौन है वो ?

मेरे हर मर्ज़ की
दवा है वो,
जिसकी दुआ बनूँ मैं
कौन है वो ?

मुझे हर घडी चाहिए
सिर्फ एक वो,
जिसे हर पल चाहिए मैं
कौन है वो ?

मैं चांदनी
चाँद है वो,
जो कहे उसकी हूँ मैं
कौन है वो ?

जैसे मुझे सिर्फ वो एक चाहिए
क्या कोई ऐसा है जिसे सिर्फ मैं चाहिए ??

 


 

This post is published for #OpenNTalk Blogger’s League hosted by Gleefulblogger & Wigglingpen in association with SummerBarnVedantika HerbalsNyassaExplore Kids World.

 

 

I am a member of Team 3 #InvincibleGang. Read some more interesting posts this June from my team members. Here they are and do not miss to follow them on twitter for more updates –

1. Geethica Mehra  –  Thoughts By Geethica

2. Papri GangulyThrough My Pink Window

3. Princy KhuranaClanpedia

4. Varsha Nitin Gode (Yogeeta Rane)VRAG

Categories: Hindi Poems | Tags: , , , | 17 Comments

हाँ, मैं बुज़दिल हूँ


दिल के जज़्बात
दिल मे रखती हूँ,
कहती तो कुछ नहीं
सिर्फ सुनती जाती हूँ,
हाँ, मैं बुज़दिल हूँ ।

माने कोई या न माने
खट्टे रिश्तों से डरती हूँ,
मन में आए न कोई दुर्भाव
यही हरसंभव प्रयास करती हूँ,
हाँ हाँ, मैं बुज़दिल हूँ ।

लाख अपमान का भार
मान से ही चुकाती हूँ,
साफ रहे मेरा तो मन
यही तो बस चाहती हूँ,
हाँ हाँ, मैं बुज़दिल हूँ ।

दूसरों पर तो ज़ोर नही
खुद पर ज़ोर चलाती हूँ,
क्रोध में न निकले अपशब्द
अधरों को मैं सी लेती हूँ,
हाँ हाँ, मैं बुज़दिल हूँ ।

अनकहे लफ्ज़ अपनी रूह के
कागज़ पर उतारती हूँ,
कहती नही कुछ बस
लिखती ही जाती हूँ,
हाँ, मैं बुज़दिल हूँ ।

Categories: Hindi Poems | 4 Comments

माँ


(1)

बच्चे के जन्म के साथ ही
जन्मती है एक माँ भी
तब एक स्त्री माँ कहलाती है ।

चाहे जो हो,हाथ फेर सर पर,
उठाती हर सुबह समय पर,
इसलिए माँ माँ होती है ।

प्यार भरा वो दुलार करे,
दुआओं में कभीं न भूले,
इसलिए माँ माँ होती है ।

नाज़ नखरे भी सब उठाती
दिन रात एक है करती
इसीलिए माँ माँ होती है ।

बेटी हो चाहे हो बेटा
एक-सा मान है मिलता
इसीलिए माँ माँ होती है ।

(2)

बहुत याद आती है माँ
गाती है लोरी सुनाती गाना
खाँसी आये तो बनाती बहाना
खुद से पहले बच्चे का
ध्यान रखती है तू माँ।

बहुत याद आती है माँ ।
वह डांट फटकार, लाड़ प्यार,
सब ‘अति’ तब लगता था
“अरे माँ क्यों करते हो इतना?”
वो दुलार याद आता है माँ ।

खुद अपनी अब बेटी के
लिए वही दोहराती मैं माँ
अब बहुत याद आती है माँ ।

This post is an entry for mother’s day contest by kreativemommy.

Categories: Hindi Poems | Leave a comment

दिल से..


सबको समझने वाले को
कोई तो समझ ले,
दिल से ।

ख्याल है जिसे सबका
ख्याल रखे भी तो कोई उसका
दिल से।

ज़िन्दगी दे दी जिसने
एक पल तो मिले उसे,
दिल से ।

जो तुम्हें सागर से भी ज्यादा है चाहती
एक बूँद प्यार तो मिले उसे भी
दिल से।

Categories: Hindi Poems | Leave a comment

निबाह


आसां नहीं यहाँ
रिश्ते निभाना,

न झगड़ना और
हँसी में उड़ाना,

शक से ज्यादा
भरोसे पर भरोसा,

समझदारी से इक-दूजे
का साथ निभाना,

दिल को दिमाग
लगाने न देना,

आसां नहीं यहाँ
रिश्ते निभाना |

– ‘नामी

image


Linking this post with #Monday Musings

                                                   monday-musings

Categories: Hindi Poems, Story Slate | Tags: , , , , , | 5 Comments

मुझे क्या !!


मैंने तो किया है प्यार
तुम करो, न करो
मुझे क्या..

सबका ख़्याल है तुम्हे
मेरा हो न हो
मुझे क्या..

देखते तुम सब हो
समझा, करो न करो
मुझे क्या

मुझे तेरी जरुरत है
तुझे मेरी जरुरत हो न हो
मुझे क्या ..

-अ’नामी

image


Linking this post with #Monday Musings

                                                   monday-musings

Categories: Hindi Poems | Tags: , , , , , , , | 6 Comments

तब और अब


तब, सुबह उठते ही माँ का दुलार
अब, सुबह उठते से जिम्मेदारियों का भर

तब, ज़रा सी चोट पर बैंड ऐड लगवाना
अब, दर्द-ए-दिल भी किसी को न बताना

तब, काम करते  वक़्त कुछ होना और सब को बताना
अब, खुद ही जले का इलाज करना

तब, नींद न आए तो सुबह लेट उठना
अब, रात भर जाग कर भी जल्दी उठना

तब, दिल खोल कर बात करना
अब, दस ख़्यालों में आधा बोलना

-अ’नामी’

 

image

Linking this post with #Monday Musings

monday-musings

Categories: Hindi Poems, Monday Musing, Story Slate | Tags: , , , , , , , | 10 Comments

हो जा ज़रा मतलबी


अकेले आये थे अकेले जाएंगे,
दुनियादारी के चक्कर में क्या पाएंगे ।

सिर्फ अपने लिए, खुल कर जियो
डरो मत बस करो, जो मन कहे वो ।

करो शुक्रिया, ज़िन्दगी जी लो पूरी
कुछ ख्वाहिशें रह न जाये अधूरी ।

-अ’नामी’

image


Linking this post with #Monday Musings

monday-musings

Categories: Hindi Poems, Monday Musing, Story Slate | Tags: , , , , , | 2 Comments

तू..


मेरे मर्ज़ की
है यही दवा एक
तू..

न निराश होऊ
साथ है ‘गर
तू..

न हताश होऊ
है हाथ थामे ‘गर
तू..

हर गम सह जाऊँ
है सामने ‘गर
तू..

मेरे हर मर्ज़ की
है सिर्फ और
सिर्फ दवा एक
तू..

-अ’नामी’


Linking this post with #Monday Musings

monday-musings

Categories: Hindi Poems, Monday Musing | Tags: , , , | 2 Comments

आवाज़


सुन सको तो सुनो

लबों की ख़ामोशी, आँखों की नमी,

और ये कमबख्त, दिल की बेताबी

-अ’नामी’

image

Categories: Hindi Poems, Shayari, Story Slate | Tags: , , , , , , | Leave a comment

मैं अपने प्यार का क्या करू ??


मैं अपने प्यार का क्या करू..

चाहते है उसको इस कदर
उसके साथ चली हर डगर।
क्यों उसे ये समझ नहीं आ पाता
उसके लिए ही ये दिल घबराता।

कोई ये समझाए मुझे,
मैं अपने प्यार का करू..

कोई आइना ऐसा बनाओ
जिसमे वो देखे खुदको
मेरी नज़रों से ।
वो सुने हर बात भी जो..
जो अल्फ़ाज़ न हो पाये
आज़ाद मेरे लबों से ।

चाहत होती हैं न उसे चाहूँ ,
पर मैं अपने प्यार का क्या करू..

-अ’नामी’

Categories: Hindi Poems | Tags: , , | 6 Comments

एकांत


सुनो, कभी तो पढ़ लो तुम ख़ामोशी मेरी,
आज वीरान है शब्दों का गुलदस्ता मेरा ।
-अ’नामी’

image

Categories: Hindi Poems, Shayari, Story Slate | Tags: , , , | 3 Comments

Blog at WordPress.com.

Ramblings of a Writer

Living the Path of Life

Colleen Chesebro ~ The Fairy Whisperer

Paranormal Novelist & Fairy Prose Metrist

like mercury colliding...

...moments of unexpected clarity

Reflections!

Through My Lens...

Clanpedia

Because Learning Never Stops

Thoughts by Geethica

You are what you think

Aesha's Musings

Parenthood & More

Metanoia

...a transformation

L.E.R.T

Loose End of the Red Thread

Anami's Pensieve

Nami's Den ; Nami's Perception

%d bloggers like this: