Posts Tagged With: Hindi Poem

मुझे क्या !!


मैंने तो किया है प्यार
तुम करो, न करो
मुझे क्या..

सबका ख़्याल है तुम्हे
मेरा हो न हो
मुझे क्या..

देखते तुम सब हो
समझा, करो न करो
मुझे क्या

मुझे तेरी जरुरत है
तुझे मेरी जरुरत हो न हो
मुझे क्या ..

-अ’नामी

image


Linking this post with #Monday Musings

                                                   monday-musings

Categories: Hindi Poems | Tags: , , , , , , , | 6 Comments

हो जा ज़रा मतलबी


अकेले आये थे अकेले जाएंगे,
दुनियादारी के चक्कर में क्या पाएंगे ।

सिर्फ अपने लिए, खुल कर जियो
डरो मत बस करो, जो मन कहे वो ।

करो शुक्रिया, ज़िन्दगी जी लो पूरी
कुछ ख्वाहिशें रह न जाये अधूरी ।

-अ’नामी’

image


Linking this post with #Monday Musings

monday-musings

Categories: Hindi Poems, Monday Musing, Story Slate | Tags: , , , , , | 2 Comments

बीती रात


उसने कहा कुछ नहीं
रात भर वो रोती रही

भीगती रही मेरी बाज़ु
उसके आँसुओं से

उसकी नम आँखों का
एहसास मुझे होता रहा

उसे शायद पता न हो
रात भर समेटे मैंने

वो कीमती मोती
अपने आप मैं

मैं कहता नहीं कभी
पर हाँ आज कहता हूँ

मुझे तुमसे प्यार है
बहुत प्यार है
सबसे ज्यादा प्यार है

तुम सबसे खास हो
मेरी जान हो !!

Categories: Hindi Poems | Tags: , , , , , | 2 Comments

सवाल – जवाब


(1)

पीठ करके सो तो रहे हैं,
नींद न तुम्हे आती है
न मुझे

चुप मैं हूँ
गुम तुम भी हो
शब्द सारे कहाँ खो गए

आँखे मूंदी ली, चारों,
पर मैं नहीं सो रही
क्या तुम सो गए ?

(2)

मुझे सीखा दिया ये हुनर ख़ुदा ने
जैसे बीती रात कुछ हुआ ही न हो |
सुबह उठे हम एक दूजे से लिपटे हुए,
बाँहों में एक दूजे की, निश्छल, सरल
जैसे रात को मुँह फेर सोए ही न हो ||

(3)

हर इंसा को सीखा दे ये हुनर ऐ ख़ुदा
जैसे बीती रात कुछ हुआ ही न हो |
सुबह उठे सब गम भुल के, बच्चे की तरह,
जैसे रात को रूठ कर सोया ही न हो ||

Categories: Hindi Poems, Poems | Tags: , , , | Leave a comment

आत्म विश्लेषण


मेरे दिल की सच्चाई
मेरे साथ
तेरी सच्चाई तेरे साथ
उसकी सच्चाई उसके साथ ।।

मैं भी समझदार
तू भी समझदार
वो भी समझदार ।।

Categories: Hindi Poems, Poems | Tags: , , | Leave a comment

चांदनी रात और मैं


 

Fun with moonMoon in the room

सुकून दे गया वो

श्वेत, शांत, शीतल

खिड़की से झांकता  

एकाकी चाँद |

रात की तन्हाई  में

करवटें  बदलते हुए

नज़रों से मिली

चांदनी की नज़र |

और  मौन

तारों की लोरी  

न जाने कब

पलकों को सुला गई |

Categories: Hindi Poems, Poems | Tags: , , , , , , , , , , , | Leave a comment

Blog at WordPress.com.

aakrutitarotandreiki.wordpress.com/

Healing Through Eternal Wisdom

Shilpa Nairy

Life is beautiful and simple, we make it complex !!!

NatkhatZ

New age parenting made easy

Random Thoughts - Naba

Sometimes there's more sense in randomness

Rachna Says

Much Ado About Everything...

Obsessivemom

Parenting from the heart

Destiny's Child

Yoga | Travel | Art | Creative writing

Shravmusings

Kiddie Talkies - Have a look at this World through a kid's eyes with the help of his Mom's expressions

Myriad Musings

ansikegala aramane!

%d bloggers like this: